Gujarat Election 2022: Kamrej Assembly Seat Profile And History – Kamrej Assembly Seat: भाजपा ने यहां दर्ज की लगातार पांचवीं जीत, कामरेज विधायक को मिला जीत का बड़ा इनाम

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प्रफुल पानसेरिया

प्रफुल पानसेरिया
– फोटो : अमर उजाला

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गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।

सूरत जिले की कामरेज सीट राजनीतिक पार्टियों के लिए बहुत खास है। 2017 में इस सीट पर भाजपा ने कब्जा किया था। पार्टी ने इस चुनाव के लिए मौजूदा विधायक वीडी जालावाड़िया की जगह पूर्व विधायक प्रफुल भाई पानशेरिया को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। पानशेरिया ने इस चुनाव में पार्टी को फिर जीत दिलाई। उन्होंने आप के राम धड़ुक को 74,697 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी। 

सोमवार को नई सरकार के गठन के बाद पानशेरिया को बड़ी जीत का इनाम मिला। उन्हें भूपेन्द्र सरकार में संसदीय मामले, प्राथमिक, माध्यमिक एवं प्रौढ़ शिक्षा, उच्च शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। 
   
2017 में यहां भाजपा को मिली थी जीत 
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने वीडी जालावाड़िया को टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस के अशोक जीरावला को 28 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे जिसमें से 12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।  

2017 से पहले 2012 चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी। उस चुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतरे प्रफुल भाई पनशेरिया ने कांग्रेस के पिथावडी वाला को शिकस्त दी थी। 

पांचवीं बार भाजपा का कब्जा 
पुराने चुनाव ट्रेंड्स को देखें तो यहां भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस की तुलना में बेहतर रहा है। भाजपा ने यहां पांच चुनाव लगातार जीते हैं। वहीं, कांग्रेस को 1998 से यहां जीत नसीब नहीं हुई है। 
  
2022 विधानसभा चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने पूर्व विधायक प्रफुल भाई पनशेरिया को अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं, कांग्रेस ने निलेश कुंभाणी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। आप की ओर से  इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए। 

2017 में सूरत जिले की 14 सीटों पर जीती थी भाजपा
कामरेज सीट, सूरत जिले के अंतर्गत आने वाली 16 सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 16 में से 14 सीटों पर भाजपा को बम्पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस मात्र दो सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी। 

विस्तार

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।

सूरत जिले की कामरेज सीट राजनीतिक पार्टियों के लिए बहुत खास है। 2017 में इस सीट पर भाजपा ने कब्जा किया था। पार्टी ने इस चुनाव के लिए मौजूदा विधायक वीडी जालावाड़िया की जगह पूर्व विधायक प्रफुल भाई पानशेरिया को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। पानशेरिया ने इस चुनाव में पार्टी को फिर जीत दिलाई। उन्होंने आप के राम धड़ुक को 74,697 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी। 

सोमवार को नई सरकार के गठन के बाद पानशेरिया को बड़ी जीत का इनाम मिला। उन्हें भूपेन्द्र सरकार में संसदीय मामले, प्राथमिक, माध्यमिक एवं प्रौढ़ शिक्षा, उच्च शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। 

   

2017 में यहां भाजपा को मिली थी जीत 

2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने वीडी जालावाड़िया को टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस के अशोक जीरावला को 28 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे जिसमें से 12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।  

2017 से पहले 2012 चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी। उस चुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतरे प्रफुल भाई पनशेरिया ने कांग्रेस के पिथावडी वाला को शिकस्त दी थी। 

पांचवीं बार भाजपा का कब्जा 

पुराने चुनाव ट्रेंड्स को देखें तो यहां भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस की तुलना में बेहतर रहा है। भाजपा ने यहां पांच चुनाव लगातार जीते हैं। वहीं, कांग्रेस को 1998 से यहां जीत नसीब नहीं हुई है। 

  

2022 विधानसभा चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने पूर्व विधायक प्रफुल भाई पनशेरिया को अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं, कांग्रेस ने निलेश कुंभाणी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। आप की ओर से  इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए। 

2017 में सूरत जिले की 14 सीटों पर जीती थी भाजपा

कामरेज सीट, सूरत जिले के अंतर्गत आने वाली 16 सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 16 में से 14 सीटों पर भाजपा को बम्पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस मात्र दो सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी। 





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