China को लेकर हमेशा क्यों अलग रुख रखते हैं राहुल गांधी, क्या चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को दिए वचन में बंधा है ‘परिवार’?

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चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है। खतरा साफ है, लेकिन हमारी सरकार खतरे की अनदेखी कर रही है। केंद्र हमसे तथ्य छिपाने की कोशिश कर रहा है लेकिन वह ऐसी चीजों को ज्यादा समय तक नहीं छिपा पाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को अपनी समझ बढ़ाने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी कहा, ‘चीन हमारे जवानों को पीट रहा है।’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है और केंद्र सरकार सो रही है। उनकी तीखी टिप्पणी 9 दिसंबर, 2022 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के बाद सामने आई। इस झड़प में दोनों पक्षों को चोटें आई थीं। चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है। खतरा साफ है, लेकिन हमारी सरकार खतरे की अनदेखी कर रही है। केंद्र हमसे तथ्य छिपाने की कोशिश कर रहा है लेकिन वह ऐसी चीजों को ज्यादा समय तक नहीं छिपा पाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को अपनी समझ बढ़ाने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी कहा, ‘चीन हमारे जवानों को पीट रहा है।’

राहुल गांधी और कांग्रेस को हमारी सेना पर भरोसा नहीं: अनुराग ठाकुर

राहुल की टिप्पणी के बाद उन पर आलोचनाओं का अंबार लग गया। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को डोकलाम घटना के दौरान चीनी अधिकारियों के साथ सूप पीते देखा गया था, जबकि भारतीय सेना 2017 में चीनी सैनिकों से लड़ रही थी। जब भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक किया, तब भी उन्होंने हमसे सवाल किया। राहुल गांधी और कांग्रेस को हमारी सेना पर भरोसा नहीं है। 

हमारे जवान पिटाई शब्द के लायत नहीं: जयशंकर

लोकसभा में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि  हमें विपक्ष की आलोचना से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन हमें जवानों का अपमान नहीं करना चाहिए। हमारे सैनिकों के लिए पिटाई शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि मैंने सुना है कि मुझे अपनी समझ को और विकसित करने की जरूरत है। मैं पहले यह देखूंगा कि यह सलाह कौन दे रहा है और इसके बाद ही मैं बयान का सम्मान कर सकता हूं। 

नेपाल में राहुल के पार्टी वीडियो ने मचाया तूफान

इस साल की शुरुआत में, एक नाइट क्लब में जाहिर तौर पर बनाए गए राहुल गांधी के एक वीडियो ने इस साल 3 मई को सोशल मीडिया ट्रेंड पर तूफान खड़ा कर दिया था। कई लोगों ने वीडियो को ट्विटर और फेसबुक पर इस दावे के साथ साझा किया कि कांग्रेस नेता के साथ जो महिला थी, वह नेपाल में चीनी राजदूत होउ यान्की थी। लेकिन, बाद में  पाया कि वीडियो में दिख रही महिला उस शादी में दुल्हन की दोस्त थी, जिसमें राहुल गांधी नेपाल गए थे। वह चीनी राजनयिक नहीं थीं। 

डोकलाम के वक्त चीन के राजदूत संग मुलाकात

वैसे ये कोई पहला मौका नहीं है जब चीन संग कनेक्शन को लेकर राहुल गांधी चर्चा में रहे हैं। ये तो कई बार देखने को मिला है कि अमूमन राहुल गांधी चीन को लेकर अलग रुख़ रखते रहे हैं। जब डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं आंखों में आंखे डालकर एक-दूसरे के सैनिकों की सेहत का अंदाज़ा लगा रही थी, तो राहुल गांधी ने चीन के राजदूत से मिलकर राजनीतिक हड़कंप मचा दिया था। तब की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राहुल गांधी पर चीन के साथ गुपचुप बातचीत करके भारत का पक्ष कमज़ोर करने का आरोप लगाया था।

चीनी दूतावास ने प्रोटोकॉल देते विदा करने की अनुमति मांगी

लोकसभा चुनाव 2019 के वक्त राहुल गांधी जब मानसरोवर यात्रा पर गए थे, तो चीनी दूतावास ने भारतीय विदेश मंत्रालय से आग्रह किया था कि उन्हें प्रोटोकॉल देते हुए औपचारिक रुप से विदा करने की अनुमति दी जाए।  ऐसे में राहुल के चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी से कथित संबंधों को लेकर लगातार सवाल उठते हैं। 

चीन से भी अपने संबंधों में संतुलन की वकालत

साल 2008 में बीजिंग ओलंपिक के समय तत्कालीन कांग्रेस और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को ही नहीं बल्कि नाती-पोतों सहित उनके पूरे परिवार को चीन ने विशेष रुप से आमंत्रित किया था। राहुल गांधी जब जर्मनी के दौरे पर गए थे तो उनसे भारतीय उपमहाद्वीप में सत्ता संतुलन को लेकर सवाल पूछा गया था। जिसके जवाब में राहुल ने भारत को अमेरिका के साथ चीन से भी अपने संबंधों में संतुलन साधने की वकालत की थी। 

कांग्रेस और चीनी पार्टी के बीच 2008 की साइन एमओयू

देशों के बीच तो आपने एमओयू यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग तो कई बार सुने और पढ़े होंगे। लेकिन आपने दो राजनीतिक पार्टियों के बीच एमओयू जैसी चीजों के बारे में नहीं सुना होगा। दरअसल, ये समझौता ज्ञापन कांग्रेस और चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के बीच हुआ है। कांग्रेस ने 7 अगस्त 2008 को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के साथ एक एमओयू साइन किया। 2008 में सोनिया गांधी के सुपरविजन में एमओयू पर कांग्रेस के तत्तकालीन जनरल सेक्रेट्री राहुल गांधी इस ज्ञापन पर साइन करते हैं। राहुल के दस्तख़त किए जाने से पहले उन्होंने और सोनिया गांधी ने शी जिनपिंग के साथ एक अलग मीटिंग भी की थी। 



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