my husband’s obsession with a spiritual guru, मेरी कहानी: मैं 5 सालों से बांझपन का दर्द झेल रही हूं, क्योंकि मेरे पति को मुझसे से ज्यादा गुरुओं में दिलचस्पी है – my husband started attending online sessions of gurus and this is ruining our marriage

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सवाल: मैं एक शादीशुदा महिला हूं। मैं पिछले पांच सालों से बांझपन के दर्द से झूज रही हूं। तमाम कोशिशों के बाद भी मुझे गर्भधारण करने में दिक्कत आ रही है, जिसकी वजह से डॉक्टर मुझे आईवीएफ की सलाह दे रहे हैं। इस पूरे प्रोसेस में मेरे दोस्त मेरा साथ दे रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मेरे पति को मुझसे कोई मतलब नहीं है। दरअसल, मेरे पति को बहुत कम बोलने की आदत है। वह अपने ही रहना पसंद करते हैं। उन्होंने कभी भी अपने मानसिक संघर्षों के बारे में मुझसे बात नहीं की है। यही एक वजह भी है कि हमारे बीच कभी भी उस तरह का बॉन्ड नहीं पाया, जोकि पति-पत्नी के बीच होना चाहिए।

हमारे बीच दूरियां उस समय ज्यादा बढ़ गईं, जब एक दिन मैंने उसे आध्यात्मिक पुस्तकों को पढ़ते और प्रवचनों को सुनते हुए देखा। शुरू में, मैंने उसे प्रोत्साहित किया। ऐसा इसलिए क्योंकि मुझे लगा कि इन किताबों को पढ़कर उसे अच्छा लग रहा है। लेकिन कुछ समय बाद मैंने देखा कि उसने गुरुओं के ऑनलाइन सत्र में भाग लेना भी शुरू कर दिया है। पहले तो मैंने इसे अनदेखा किया। लेकिन जब ऐसा हर रोज होने लगा, तो मुझे अटपटा लगने लगा।

यही नहीं, आलम अब यह है कि वह इस तरह के प्रवचनों में पूरी तरह लीन हो गया है। ऐसे में मैं जब भी उसके पास जाने की कोशिश करती हूं, तो वह मुझे हटा देता है। उसे मुझमें कोई दिलचस्पी नहीं है। उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मुझ पर क्या बीत रही है। सच बताऊं तो अपने पति को संभालना मेरे लिए बहुत ज्यादा मुश्किल हो रहा है। समझ नहीं आ रहा मैं क्या करूं? (सभी तस्वीरें सांकेतिक हैं, हम यूजर्स द्वारा शेयर की गई स्टोरी में उनकी पहचान गुप्त रखते हैं)

एक्सपर्ट का जवाब

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एआईआर इंस्टीट्यूट ऑफ रियलाइजेशन एंड एआईआर सेंटर ऑफ एनलाइटनमेंट के संस्थापक रवि कहते हैं कि अगर आपके पति अध्यात्म की ओर बढ़ रहे हैं, तो सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि विवाह ‘मैं’ के बारे में बिल्कुल भी नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि शादीशुदा रिश्ते में हमेशा ‘हम’ की बात की जाती है।

हालांकि, मैं इस बात को मानता हूं कि सभी शादियां काम नहीं करती हैं। लेकिन इसके बाद भी एक जोड़े के रूप में पति-पत्नी को समान दिशा में कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि अगर आप दोनों विपरीत दिशा में अपने कदम बढ़ा रहे हैं, तो आपकी शादी टूटना तय है।

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पति के साथ बातचीत करें

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जैसा कि आपने बताया कि आप जब भी अपने पति के करीब जाने की कोशिश करती हैं, तो वह आपको खुद से दूर कर देते हैं। ऐसे में मैं यही कहूंगा कि सबसे पहले तो अपनी स्थिति और अपने विवाह का मूल्यांकन करें और फिर पता लगाएं कि आप इस रिश्ते से क्या चाहती हैं? अगर आप चाहती हैं कि आपकी शादी चले, तो आपको इस मामले को अपने पति के साथ सुलझाना होगा।

अपने पति के साथ न केवल बातचीत करें बल्कि उनके मानसिक संघर्षों और आध्यात्मिक पथ पर चलने वाले विचारों के बारे में भी पता लगाएं। लेकिन इस दौरान आपको उनके साथ पूरी तरह से ईमानदार होना पड़ेगा। आपको उन्हें बताना होगा कि उनकी इस हरकत की वजह से आप कैसा महसूस कर रही हैं। वहीं एक बच्चे की कमी आपको किता ज्यादा खल रही है।

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पति को विश्वास दिलाएं

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इसी विषय पर प्रिडिक्शन फॉर सक्सेस के संस्थापक और रिलेशनशिप कोच विशाल भारद्वाज कहते हैं मैं अच्छे से समझ सकता हूं कि इस समय आप पर क्या बीत रही होगी। लेकिन इसके बाद भी मैं यही कहूंगा कि संयम और धैर्य से काम लें। आप अपने पति से बात करें और उन्हें विश्वास दिलाएं कि वह अकेले नहीं हैं। एक साथी के रूप में आप हमेशा उनका समर्थन करने के लिए उनके साथ हैं।

वैसे मैं आपको बता दूं कि अगर आध्यात्मिक किताबों या प्रवचनों को सुनकर उन्हें मन की शांति मिलती है, तो यह आपके रिश्ते के लिए भी एक वरदान हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आध्यात्मिक जागृति वाला व्यक्ति इस यात्रा के माध्यम से स्वयं को समझने के साथ-साथ आपको भी बहुत गहराई से समझ सकता है। इसलिए जो भी फैसला लें, वह बहुत ही सोच-विचार करके करें।

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