Gujarat Election 2022: Raopura Assembly Seat Profile And History – Raopura Assembly Seat: इस सीट पर भाजपा ने काटा था पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का टिकट, जानें इस बार के नतीजे

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गुजरात विधानसभा चुनाव

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– फोटो : अमर उजाला

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राज्य की कई ऐसी सीटें रही हैं जिसकी चर्चा हर जगह हो रही थी। वडोदरा जिले की रावपुरा विधानसभा सीट भी काफी चर्चित सीट रही है। यहां के निवर्तमान विधायक भाजपा के राजेंद्र त्रिवेदी हैं जिन्हे इस बार टिकट नहीं दी गई थी। त्रिवेदी विधानसभा के अध्यक्ष एवं मंत्री के पद पर भी रहे हैं। सत्ताधारी भाजपा के लिए ये सीट काफी अहम है क्योंकि वो यहां 1995 से लगातार जीत रही है। 

इस चुनाव में भाजपा बालकृष्ण शुक्ला को मैदान में उतारा था। शुक्ला ने कांग्रेस ने संजय पटेल (एसपी) को 81,035 वोटों से हरा दिया। अबकी बार चार उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई है। आप यहां तीसरे नम्बर पर रही।
   
2017 में यहां भाजपा को जीत मिली   
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने मौजूदा विधायक राजेंद्र त्रिवेदी को मैदान में उतारा था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रकांत श्रीवास्तव को 36 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें से पांच उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 
 2017 से पहले 2012 चुनाव में भी इस सीट को भाजपा ने जीता था। भाजपा की ओर से मैदान में उतरे राजेंद्र त्रिवेदी ने कांग्रेस के जयेश ठक्कर को शिकस्त दी थी। 

1995 से लगातार यहां जीत रही है भाजपा 
वडोदरा जिले में आने वाली इस सीट को भाजपा का गढ़ मन जाता है। पार्टी ने यहां 1995 से लेकर अब तक हुए सभी चुनाव जीते हैं। भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व विधानसभा अध्य्क्ष राजेंद्र त्रिवेदी पार्टी की टिकट पर लगातार दो बार 2012 एवं 2017 में जीते हैं। 

2022 चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक राजेंद्र त्रिवेदी का टिकट काट दिया था। त्रिवेदी की जगह भाजपा ने बालकृष्ण खंडेराव शुक्ला को मैदान में उतारा था। वहीं, कांग्रेस ने संजय पटेल (एसपी) को अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से हिरेन शिर्के मैदान में थे। इस सीट पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।

2017 में वडोदरा में भाजपा ने जीती थी आठ सीट 
रावपुरा सीट, वडोदरा जिले में आने वाली दस विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की दस में से आठ सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी। 

इस बार गुजरात के नतीजे कैसे रहे?

इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।

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राज्य की कई ऐसी सीटें रही हैं जिसकी चर्चा हर जगह हो रही थी। वडोदरा जिले की रावपुरा विधानसभा सीट भी काफी चर्चित सीट रही है। यहां के निवर्तमान विधायक भाजपा के राजेंद्र त्रिवेदी हैं जिन्हे इस बार टिकट नहीं दी गई थी। त्रिवेदी विधानसभा के अध्यक्ष एवं मंत्री के पद पर भी रहे हैं। सत्ताधारी भाजपा के लिए ये सीट काफी अहम है क्योंकि वो यहां 1995 से लगातार जीत रही है। 

इस चुनाव में भाजपा बालकृष्ण शुक्ला को मैदान में उतारा था। शुक्ला ने कांग्रेस ने संजय पटेल (एसपी) को 81,035 वोटों से हरा दिया। अबकी बार चार उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई है। आप यहां तीसरे नम्बर पर रही।

   

2017 में यहां भाजपा को जीत मिली   

2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने मौजूदा विधायक राजेंद्र त्रिवेदी को मैदान में उतारा था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रकांत श्रीवास्तव को 36 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें से पांच उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 

 2017 से पहले 2012 चुनाव में भी इस सीट को भाजपा ने जीता था। भाजपा की ओर से मैदान में उतरे राजेंद्र त्रिवेदी ने कांग्रेस के जयेश ठक्कर को शिकस्त दी थी। 

1995 से लगातार यहां जीत रही है भाजपा 

वडोदरा जिले में आने वाली इस सीट को भाजपा का गढ़ मन जाता है। पार्टी ने यहां 1995 से लेकर अब तक हुए सभी चुनाव जीते हैं। भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व विधानसभा अध्य्क्ष राजेंद्र त्रिवेदी पार्टी की टिकट पर लगातार दो बार 2012 एवं 2017 में जीते हैं। 

2022 चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक राजेंद्र त्रिवेदी का टिकट काट दिया था। त्रिवेदी की जगह भाजपा ने बालकृष्ण खंडेराव शुक्ला को मैदान में उतारा था। वहीं, कांग्रेस ने संजय पटेल (एसपी) को अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से हिरेन शिर्के मैदान में थे। इस सीट पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।

2017 में वडोदरा में भाजपा ने जीती थी आठ सीट 

रावपुरा सीट, वडोदरा जिले में आने वाली दस विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की दस में से आठ सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी। 

इस बार गुजरात के नतीजे कैसे रहे?

इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।





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