शिंदे-बोम्मई को एक कमरे में बंद करो… तब तक बाहर मत आने दो, सीमा विवाद पर किसने दी यह अजब सलाह – eknath shinde and basavaraj bommai should be locked in a room who said this know

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नागपुर: महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद (Maharashtra-Karnataka Border Issue) का मुद्दा बीते कुछ दिनों से राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मुद्दे पर महाविकास अघाड़ी (Mahavikas Aghadi) के तीनों ही दल मिलकर शिंदे-फडणवीस सरकार (Shinde-Fadnavis Government) पर हमला बोल रहे हैं। फिलहाल में नागपुर (Nagpur) में राज्य सरकार का शीतकालीन अधिवेशन सत्र चल रहा है। यह मुद्दा आज सदन में भी चर्चा का विषय बना। इस मुद्दे पर संजय राउत (Sanjay Raut) ने पहले ही यह आरोप लगाया था कि सीमा विवाद पर महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री जिस तरह से चुप्पी साधे हुए हैं वह राज्य के लिए ठीक नहीं है। इसी फेहरिस्त में अब कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण (Prithviraj Chavhan) का नाम भी जुड़ गया है। चव्हाण ने एक अजब-गजब सलाह इस समस्या के हल के लिए दी है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों के बीच में क्या चर्चा हुई अभी तक किसी को पता नहीं चल पाया है। ऐसे में जब तक यह सीमा विवाद का मामला खत्म नहीं होता। तब तक दोनों मुख्यमंत्रियों को एक कमरे में बंद कर देना चाहिए और तब तक बाहर नहीं निकलने देना चाहिए जब तक इस समस्या का कोई हल न निकल जाए। चव्हाण ने कहा कि सीमा विवाद का मामला सर्वोच्च न्यायालय में है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) महाराष्ट्र के हित में फैसला देगा, यह डर कर्नाटक सरकार (Karnataka Government) को है। इसी वजह से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (CM Basavaraj Bommai) भड़काऊ और विवादित बयान दे रहे हैं।

कर्नाटक में शीतकालीन अधिवेशन के दौरान आज सीमा विवाद के प्रश्न पर महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है। चव्हाण ने कहा कि महाराष्ट्र को एक इंच जमीन न देने की बात बोम्मई कह रहे हैं। ऐसे में कर्नाटक सरकार ऐसा कोई फैसला ले सकती है। हालांकि, हम भी महाराष्ट्र के हित मे इसी प्रकार का फैसला विधानसभा में ले सकते हैं। चव्हाण ने कहा कि किसी भी कीमत पर कर्नाटक को सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानना ही पड़ेगा। फिर भी सीमा विवाद के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार को चुप्पी साधने वाली भूमिका नहीं अपनानी चाहिए। केंद्रीय गृहमंत्री को दोनों ही राज्यों के मुख्यमंत्री को एक कमरे में बंद कर देना चाहिए और तब तक बाहर नहीं निकलने देना चाहिए जब तक इसका हल न निकल जाए, अगर ऐसा हुआ तभी यह विवाद खत्म होगा।

खामोशी वाली दवा देकर भेजा है क्या?
कुछ दिन पहले महाराष्ट्र और कर्नाटक के सीमा विवाद के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई मौजूद थे। संजय राउत ने कहा कि बैठक में किस बात पर चर्चा हुई, इसपर से पर्दा नहीं उठा पाया है। राउत ने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली से शिंदे और फडणवीस को चुप्पी की दवा देकर भेजा गया है। इसी वजह से वह मराठी मानुस के मुद्दे और उन पर हो रहे अत्याचार को देख कर भी खामोश हैं।



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