Avatar 2 का ईमानदार रिव्यू: एक फैन क्‍यों न‍िराश हुआ इस फिल्म से? लॉजिक तो है ही नहीं

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नई दिल्ली. 13 साल पहले 2009 में जब अवतार मूवी (Avatar Movie) आई थी तो दुनियाभर में इसे खूब सराहा गया था. जबरदस्त कहानी थी और फिल्मांकन का तो जवाब ही नहीं था. तब टेक्नोलॉजी आज जितनी विकसित नहीं थी. इसलिए बड़े-बड़े उड़ते परिंदों पर सवार दूसरी दुनिया के लोग और उनसे लड़ने के लिए इंसानी मायाजाल को देखना आंखों को खूब भाया था. हॉलीवुड से ऐसी फिल्मों की उम्मीद की जाती थी.

बात करते हैं अवतार: द वे ऑफ वाटर की. अवतार-2 (Avatar: The Way of Water) की कहानी के बारे में ईमानदारी से कहूं तो ऐसी उम्मीद कतई नहीं थी. सोचा था कि कहानी पहली फ‍िल्‍म से 2 कदम आगे होगी. परंतु यह ऊंची दुकान और फीका पकवान साबित हुई. फिल्मकार जेम्स कैमरून (Director James Cameron) की अवतार-2 वहीं से शुरू होती है, जहां पिछली अवतार खत्म हुई थी. मुख्य किरदारों जेक सुली (Jake Sully) और नेयतिरी (Neytiri) पैंडोरा (दूसरी दुनिया) में खुश हैं और उनके 4 बच्चे भी हैं. इसी बीच आसमान से एक प्लेन आता दिखाई देता है, क्योंकि इंसानों ने एक बार फिर आक्रमण किया है. यह देखकर पैंडोरा पर रहने वाले लोग, जिन्हें नावी कहा गया है, डर जाते हैं. इंसानी यान आग के गोले बरसाते हैं और चारों तरफ दहशत का माहौल बन जाता है.

कनेक्शन खोजते रह गए, पर मिला नहीं
जब ये फिल्म वहीं से शुरू हुई, जहां पिछली खत्म हुई तो ये समझा गया कि स्टोरी भी कनेक्ट करेगी. पहली अवतार में सन 2154 की कहानी है. दिखाया गया है कि तब धरती पर प्राकृतिक संसाधनों में कमी हो गई, तब आरडीए (The Resources Development Administration) अल्फा सेंटौरी स्टार सिस्टम में एक चंद्रमा, पैंडोरा पर एक मूल्यवान खनिज यूनोबेनियम (Unobtanium) का पता लगाता है. पैंडोरा, जिसका वातावरण ज्यादातर गैसीय है, पर 10-फुट लंबे (लगभग 3 मीटर), नीली चमड़ी वाले, बुद्धिमान ह्यूमनॉइड्स रहते हैं, जो प्रकृति की गोद में अपना जीवन खुशी-खुशी बिता रहे होते हैं.

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अवतार 2 में कहानी पैंडोरा ग्रह की बताई गई है.

एक बेशकीमती खनिज (यूनोबेनियम) पाने की चाह में इंसान ने पैंडोरा पर अपना दल भेजा और बाद में हमला किया भी था. दिखाया गया कि उस बेशकीमती पत्थर की कीमत अरबों-खबरों में है. पिछली फिल्म का पूरा चक्र इंसान द्वारा इसी यूनोबेनियम को हथियाने के इर्द-गिर्द घूमा, लेकिन इस फिल्म (अवतार-2) में उस यूनोबेनियम का कोई जिक्र तक नहीं हुआ. क्यों?

पिछली फिल्म में मारे जा चुके कर्नल माइल्स (Colonel Miles Quaritch) का अवतार बनाकर इस फिल्म में उसे एक टीम के साथ फिर से पैंडोरो भेजा जाता है. क्या करने? आप सोचेंगे कि उसी मूल्यवान मिनरल के लिए. लेकिन नहीं… आप फिल्म देखेंगे तो पाएंगे कि वह कर्नल बॉलीवुड के पागल खलनायक की तरह अपना बदला लेने ने लिए भटक रहा है. वह केवल जेक सुली और उसके परिवार को खत्म करना चाहता है. तो क्या इंसान को अब उस कीमती खनिज की जरूरत नहीं? अगर जरूरत नहीं रही तो करोड़ों डॉलर खर्च करके पैंडोरा के लिए फिर से मिशन क्यों भेजा? जेक सुली और उसकी पत्नी से कर्नल की मौत का बदला लेने भर के लिए?

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि फिल्म बेशक उसी बिंदु से शुरू होती है, जहां से खत्म हुई थी, लेकिन मूवी का पूरा प्लॉट बदल चुका है. दोनों कहानियों का कोई लिंक नहीं है. जिसने पहली मूवी देखी है, वह कनेक्शन खोजता रहेगा और फिल्म का दी एंड (The End) हो जाएगा.

छिपता दिखा मेन करेक्टर जेक सुली 
इंसान से एक नावी बना जेक सुली, जिसे सैम वर्थिंगटन (Sam Worthington) ने निभाया है, इस फिल्म में अपने परिवार को बचाने के लिए दौड़-भाग करता दिखता है. वह जंगल को छोड़कर समुद्र किनारे बसने वाले नावी लोगों में छिपकर रहने चला जाता है, ताकि जंगल सुरक्षित रहे. यही वह जंगल था, जिसके नीचे वह मूल्यवान खनिज है, जिसे इंसान नावियों की लाशें बिछाकर भी पाना चाहता था. वह एकबार भी नहीं सोचता कि पिछली बार जिस चीज के लिए इतना बखेड़ा हुआ, उसका क्या होगा? 

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पहली फिल्म की पॉपुलैरिटी भुना ली
पहली फिल्म की पॉपुलैरिटी को भुनाने के लिए बनाई गई इस फिल्म का ‘असली उद्देश्य’ तो पूरा होता दिख रहा है. फिल्म 5 दिनों में ही दुनियाभर में 4 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है. भारत में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का आंकड़ा 160 करोड़ रुपये से पार हो गया है.

क्यों देखी जा सकती है ये मूवी?
जो ऊपर लिखा गया, वह मेरा व्यक्तिगत नजरिया है. हो सकता है आपको ये मूवी पसंद आ जाए. इस नई मूवी में एनिमेशन और ग्राफिक्स डिलेटिंग देखकर आपको जरूर मजा आएगा. पिछली मूवी में आपने रंग-बिरंगे उड़ते परिंदे देखे थे, तो इस नई मूवी में आपको पानी में तैरने वाले परिंदे दिखेंगे. बड़े-बड़े समुद्री जीव और मछलियों के दर्शन होंगे. यदि आप कहानी और पिछली फिल्म को भूलकर इसे देखना चाहें तो एक बार देख सकते हैं. कहने का मतलब है कि लॉजिक खोजने और लिंक जोड़ने की कोशिश मत कीजिएगा, वरना मेरी तरह निराशा के सिवाय कुछ भी हाथ नहीं लगेगा.

Tags: Hollywood, James cameron



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