Udhana Assembly Seat:उधना में भाजपा ने लगाई जीत की हैट्रिक, जानें इस सीट का चुनावी इतिहास – Gujarat Election 2022: Udhana Assembly Seat Profile And History

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– फोटो : Social Media

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गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।

सूरत जिले की उधना विधानसभा सीट भाजपा के नजरिए से महत्वपूर्ण रही है क्योंकि पार्टी ने यहां इस चुनाव से पहले हुए दोनों चुनाव में जीत अर्जित की थी। इसके अलावा इस सीट का भाजपा के लिए महत्व इसलिए भी रहता है क्योंकि ये सीट नवसारी लोकसभा में आती है और इसके सांसद गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल हैं। इस सीट पर 2012 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए थे। 

अबकी बार यहां भाजपा ने मनुभाई पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने कांग्रेस ने धनसुखभाई राजपूत को 69,896 वोटों से हरा दिया। मनुभाई को कुल 93,999 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस के धनसुखभाई को महज 24,103 वोट से संतोष करना पड़ा। आम आदमी पार्टी के महेंद्रभाई रावणभाई पाटिल तीसरे नंबर पर रहे। महेंद्रभाई को कुल 21,741 वोट मिले। उधाना सीट के 1,820 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। 
 
2017 में यहां भाजपा को मिली थी जीत 
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने मौजूदा विधायक नरोत्तम भाई पटेल की जगह विवेक पटेल को टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस के सतीश भाई पटेल को 42 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।  
 2017 से पहले 2012 चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी। उस चुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतरे नरोत्तम भाई पटेल ने कांग्रेस के धनसुख भाई राजपूत को शिकस्त दी थी। 

प्रवासी वोटर करते हैं जीत हार का फैसला 
उधना क्षेत्र में उद्योग होने के कारण यहां उत्तर भारत से लोग रोजगार की तलाश में आते हैं। कई प्रवासियों ने अब तो वोटर कार्ड भी यहीं का बनवा लिया है। यही कारण है कि इस सीट पर गुजरात के स्थानीय लोगों से ज्यादा संख्या प्रवासी लोगों की है। प्रवासी वोटर ही यहां राजनीतिक पार्टियों के लिए किस्मत तय करते हैं। 
 2022 चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक विवेक पटेल का टिकट काट दिया था। उनकी जगह भाजपा ने मनुभाई पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं, कांग्रेस ने धनसुखभाई राजपूत को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए। 

2017 में सूरत जिले की 14 सीटों पर जीती थी भाजपा
उधना विधानसभा सीट, सूरत जिले के अंतर्गत आने वाली 16 विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 16 में से 14 सीटों पर भाजपा को बम्पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस मात्र दो सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी। 
 

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गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।

सूरत जिले की उधना विधानसभा सीट भाजपा के नजरिए से महत्वपूर्ण रही है क्योंकि पार्टी ने यहां इस चुनाव से पहले हुए दोनों चुनाव में जीत अर्जित की थी। इसके अलावा इस सीट का भाजपा के लिए महत्व इसलिए भी रहता है क्योंकि ये सीट नवसारी लोकसभा में आती है और इसके सांसद गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल हैं। इस सीट पर 2012 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए थे। 

अबकी बार यहां भाजपा ने मनुभाई पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने कांग्रेस ने धनसुखभाई राजपूत को 69,896 वोटों से हरा दिया। मनुभाई को कुल 93,999 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस के धनसुखभाई को महज 24,103 वोट से संतोष करना पड़ा। आम आदमी पार्टी के महेंद्रभाई रावणभाई पाटिल तीसरे नंबर पर रहे। महेंद्रभाई को कुल 21,741 वोट मिले। उधाना सीट के 1,820 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। 

 

2017 में यहां भाजपा को मिली थी जीत 

2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने मौजूदा विधायक नरोत्तम भाई पटेल की जगह विवेक पटेल को टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस के सतीश भाई पटेल को 42 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।  

 2017 से पहले 2012 चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी। उस चुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतरे नरोत्तम भाई पटेल ने कांग्रेस के धनसुख भाई राजपूत को शिकस्त दी थी। 

प्रवासी वोटर करते हैं जीत हार का फैसला 

उधना क्षेत्र में उद्योग होने के कारण यहां उत्तर भारत से लोग रोजगार की तलाश में आते हैं। कई प्रवासियों ने अब तो वोटर कार्ड भी यहीं का बनवा लिया है। यही कारण है कि इस सीट पर गुजरात के स्थानीय लोगों से ज्यादा संख्या प्रवासी लोगों की है। प्रवासी वोटर ही यहां राजनीतिक पार्टियों के लिए किस्मत तय करते हैं। 

 2022 चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक विवेक पटेल का टिकट काट दिया था। उनकी जगह भाजपा ने मनुभाई पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं, कांग्रेस ने धनसुखभाई राजपूत को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए। 

2017 में सूरत जिले की 14 सीटों पर जीती थी भाजपा

उधना विधानसभा सीट, सूरत जिले के अंतर्गत आने वाली 16 विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 16 में से 14 सीटों पर भाजपा को बम्पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस मात्र दो सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी। 

 





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