Weird Traditons: बच्‍चों के ऊपर कूदते ‘ दैत्‍य’, तो कहीं छत से ही फेंक देते, जानें बच्‍चों से जुड़ी 10 अजीब परंपराएं

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Weird Traditons

आश्चर्य से भरी इस दुनिया में सीखने के लिए संस्कृतियों (Weird Traditons) और धर्मों से जुड़ी बाते हैं पर तमाम ऐसी चीजे हैं जो अजीब लगती हैं. पर वर्षों से इन परंपराओं का पालन क‍िया जाता है. कुछ रिवाज इतने अनोखे होते हैं, जिन्हें आप केवल परंपरा निभाए जाने के अलावा कुछ नहीं कह सकते. आइए जानते हैं बच्‍चों से जुड़े उन 10 रिवाजों (Weird Child traditions) के बारे में जिसे जानकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे.

स्‍पेन का डेविल्स जंप (Weird Traditons)

स्पेन में एक अनोखा उत्सव मनाया जाता है, जिसे एल सालटो डेल कोलाचो यानी डेविल्स जंप कहा जाता है. इस परंपरा में वे महिलाएं शामिल होती हैं, जो हाल ही में मां बनी हैं. वो अपने नवजात शिशुओं को जमीन पर लिटा देती हैं और उनके ऊपर से लोग कूदते हैं. इसके लिए एक खास जगह चुनी जाती है और वहां पहले बच्चों के लिए खूब सारे नर्म बिस्तर जमीन पर बिछा दिए जाते हैं. कुछ लोग खास पोशाक में आते हैं और उनके साथ एक दैत्य भी होता है. माना जाता है कि इसमें सभी तरह के पापों की शुद्धि हो जाती है. वहीं, नवजात के आसपास से सभी तरह की नकारात्मक ऊर्जा का नाश हो जाता है.

मंदिर से बच्‍चों को फेंक देना (Weird Traditons)

बच्‍चे को आप प्‍यार से उछालें यह तो समझ में आता है पर अगर 50 फीट ऊंचे मंदिर से फेंकने को कोई कहे तो…जाहिर है कि आप चौंक जाएंगे. पर आपको बता दें कि ऐसा कोई और नहीं बल्कि बच्चे की पिता ही करता है. वह अपने बच्चे के लंबे जीवन की कामना में ऊंचे मंदिर पर जाता है और वहां से इसे नीचे फेंक देता है. नीचे उसके परिवार के अन्य लोग कंबल या कोई गद्देदार चीज फैलाकर रखते हैं जिससे वह बचता है. यह परंपरा महाराष्ट्र के शोलापुर में बाबा उमर की दरगाह और कर्नाटक में श्री संतेश्वर मंदिर पर निभाई जाती है. ऐसा माना जाता है कि यह बच्चों के जीवन में सौभाग्य लाता है. पर कई बार तो बच्‍चे घायल भी हो जाते हैं.

Weird Traditons

महाराष्ट्र के शोलापुर में बाबा उमर की दरगाह और कर्नाटक में श्री संतेश्वर मंदिर पर बच्‍चोंं को ऊपर से फेंकने की परंपरा (Weird Traditons) ( प्रतीकात्‍मक फोटो- Canva)

बच्चों को रेत में गाड़ देना (Weird Traditons)

कर्नाटक के गुलबर्गा में तो और अजीब परंपरा निभाई जाती है जिसे लेकर वैज्ञान‍िक भी चेता चुके हैं पर लोग मानते कहां है. यहां लोगों को भरोसा है कि सूर्य ग्रहण के दिन दिव्‍यांग बच्चों को उनकी गर्दन तक रेत में गाड़ देने से उसकी विकलांगता और अन्य समस्याएं दूर हो जाती हैं. इस रस्म को करते हुए लोग बच्चों अक्सर छह घंटे तक रेत के गड्ढों में दबाकर छोड़ देते हैं. इसका परिणाम कारगर हो ना हो, परंपरा के लिए लोगों का विश्वास लगातार कायम है

उबलते दूध से नवजात को नहलाना (Weird Traditons)

पूर्वोत्‍तर के ग्रामीण इलाकों में कई जगह ये एक ऐसा रिवाज है जिसमें पिता अपने नवजात बच्चे को एक मंदिर में ले जाता है और परिवार के सदस्यों और पुजारियों के सामने उन छोटे पैरों को गर्म दूध के कटोरे में डुबोता है. इसके बाद मंत्रों का उच्चारण और स्तुति की जाती है. पिता पहले अपने बच्चे के शरीर पर गर्म तरल डालते हैं और फिर अपने शरीर के ऊपर. लोगों का मानना है कि यह देवताओं को प्रसन्न करता है और नवजात की आत्मा को शुद्ध करता है. .

Weird Traditons

( प्रतीकात्‍मक फोटो- Canva)

गाय के गोबर में लुढ़कना (Weird Traditons)

मध्य प्रदेश के बैतूल में ग्रामीण गाय के गोबर की ढेर पर अपने नवजात शिशुओं को लुढ़कने के लिए छोड देते हैं. ऐसी मान्‍यता है कि इससे उनके बच्‍चे सौभाग्यशाली और स्वस्थ होंगे. यह रस्म दिवाली के एक दिन बाद की जाती है और सैकडों की संख्‍या में लोग इसमें शामिल होते हैं. इतना ही नहीं, बाहर से भी तमाम लोग अपने बच्‍चों को लेकर इस उत्‍सव में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं.

बच्‍चा गोरा पैदा हो तो मार देते लोग
अंडमान में बसने वाले जारवा जनजाति के लोग एक अजीब परंपरा का पालन करते हुए आए दिन अपने बच्चों को मार रहे हैं. इस समुदाय में परंपरा के अनुसार यदि बच्चे की मां विधवा हो जाए या उसका पिता किसी दूसरे समुदाय का हो तो बच्चे को मार दिया जाता है. बच्चे का रंग थोड़ा भी गोरा हो तो कोई भी उसके पिता को दूसरे समुदाय का मानकर उसकी हत्या कर देता है और समुदाय में इसके लिये कोई दंड नहीं है.

andman jarwa tribe

( प्रतीकात्‍मक फोटो- Canva)

प्लेसेंटा का शोक मनाने का रिवाज
नाइजीरिया और घाना में मां की गर्भनाल जो बच्चे से जुड़ी होती है, उसके लिए शोक मनाने का रिवाज है. अफ्रीकन देशों में प्लेसेंटा यानी गर्भनाल को बच्चे का जुड़वा भाई या बहन माना जाता है और बाकायदा पूरी रस्मों के साथ उसे दफनाया जाता है. दफनाने की प्रक्रिया एक पेड़ के नीचे होता है. जापान में बच्चे के जन्म होने के बाद गर्भनाल को फेंका नहीं जाता है, बल्कि लाख के डिब्बों में सहेजकर रखा जाता है.

तीन महीने तक जमीन नहीं छूने देते
इंडोनेशिया के द्वीप बाली में भी बच्चे का जन्म होने पर एक बहुत अजीबोगरीब रस्म निभाई जाती है। इस रस्म के मुताबिक, बच्चे को पहले 3 महीने जमीन को छूने भी नहीं देना है और किसी तरह से जमीन के संपर्क में भी नहीं आना है। ऐसे में मां बच्चे को पूरे समय गोद में या बिस्तर पर रखे रहती है। इस रस्म को लेकर मान्यता ये है कि जमीन से दूर रखकर बच्चे का दूसरी दुनिया से संपर्क बना रहता है।

उबलते पानी में डुबकी
कर्नाटक के बीजापुर में पिता अपने 3 महीने के बच्चे को एक मंदिर के अंदर गर्म पानी में डुबो देते हैं. हालांकि, तत्‍काल बच्‍चे को पानी से निकाल लिया जाता है. इसके पीछे मान्‍यता है कि बच्चा इससे स्वस्थ हो जाता है. तमाम लोगों का यह भी कहना है कि बच्‍चों को पैदा होने के बाद से ही उसे कठोर बनाने के लिए यह प्रथा चली आ रही है. हालांकि बहुत से लोग इससे अब दूर भाग रहे हैं.

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